अजीम प्रेमजी 53 साल विप्रो का नेतृत्व करने के बाद 30 जुलाई को रिटायर होंगे, बेटे रिशद चेयरमैन बनेंगे

    अजीम प्रेमजी 53 साल विप्रो का नेतृत्व करने के बाद 30 जुलाई को रिटायर होंगे, बेटे रिशद चेयरमैन बनेंगे

नई दिल्ली. विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी (73) ने गुरुवार को रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। विप्रो ने गुरुवार को बताया कि अजीम प्रेमजी 30 जुलाई को रिटायर हो जाएंगे लेकिन नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और फाउंडर चेयरमैन के तौर पर बोर्ड में बने रहेंगे। अजीम प्रेमजी 53 साल से विप्रो का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रेमजी 1966 से विप्रो का नेतृत्व कर रहे हैं। उस वक्त पिता के निधन के बाद उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की पढ़ाई छोड़कर कारोबार संभाला था। विप्रो तब कुकिंग ऑयल के बिजनेस में थी। 1982 में कंपनी ने आईटी सर्विसेज में एंट्री की थी।

रिशद फिलहाल चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर हैं
अजीम प्रेमजी के बेटे रिशद प्रेमजी (41) एक्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद संभालेंगे। रिशद फिलहाल विप्रो के चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर हैं और कंपनी के बोर्ड मेंबर हैं। विप्रो ने यह जानकारी भी दी है कि सीईओ और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आबिद अली नीमचवाला का पद अब सीईओ और एमडी का होगा। ये बदलाव शेयरधारकों की मंजूरी के बाद 31 जुलाई से लागू होंगे।
रिशद 12 साल पहले विप्रो से जुड़े थे
रिशद न 2007 में विप्रो ज्वॉइन की थी। वे कंपनी के बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज डिवीजन में बिजनेस मैनेजर बने थे। रिशद हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए हैं। विप्रो में आने से पहले दो साल तक लंदन की बेन एंड कंपनी में कंसल्टेंट रहे थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि विप्रो में उनकी भर्ती अन्य कर्मचारियों की तरह ही हुई।
प्रेमजी ने कहा था- विप्रो को वही संभालेगा जो इस लायक होगा
अजीम प्रेमजी ने 2006 में एक इंटरव्यू में कहा था कि इतने बड़े और जटिलताओं वाले संस्थान को बेटों के हाथों में नहीं दिया जा सकता। मुझे लगता है कि जो भी इसे संभालेगा उसे इसके लायक बनना पड़ेगा। इसके लिए उचित योग्यता और परिपक्वता की जरूरत है। 
अजीम प्रेमजी की नेटवर्थ 1.55 लाख करोड़ रुपए
ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक प्रेमजी दुनिया के 36वें बड़े अमीर हैं। उनकी मौजूदा नेटवर्थ 22.2 अरब डॉलर (1.55 लाख करोड़ रुपए) है। मार्च में उन्होंने विप्रो में अपनी शेयरहोल्डिंग के अतिरिक्त 34% शेयर दान देने का ऐलान किया था। इतने शेयरों की वैल्यू 52,750 करोड़ रुपए है। प्रेमजी अपने फाउंडेशन के जरिए परोपकार के काम करते हैं। इसमें वह अब तक 1.45 लाख करोड़ रुपए दे चुके हैं। प्रेमजी के परोपकार के कामों के लिए माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और दुनिया के दूसरे बड़े अमीर बिल गेट्स उनकी तारीफ कर चुके हैं।
विप्रो देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी
विप्रो ने 1982 में आईटी प्रोडक्ट के बिजनेस में एंट्री की थी। दुनिया के कई बड़े बैंक और हेल्थकेयर कंपनियां विप्रो के क्लाइंट हैं। 1.76 लाख करोड़ रुपए मार्केट कैप वाली विप्रो देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी है। पहले नंबर पर टीसीएस और दूसरे पर इन्फोसिस है।
अजीम प्रेमजी 53 साल विप्रो का नेतृत्व करने के बाद 30 जुलाई को रिटायर होंगे, बेटे रिशद चेयरमैन बनेंगे अजीम प्रेमजी 53 साल विप्रो का नेतृत्व करने के बाद 30 जुलाई को रिटायर होंगे, बेटे रिशद चेयरमैन बनेंगे Reviewed by Praveen on June 06, 2019 Rating: 5

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