अतीक प्रकरण:देवरिया में जेलकर्मियों की बढ़ी धड़कन, जल्द आ सकती है सीबीआई

लखनऊ के रसीद डीलर का अपहरण कर जेल में मारपीट कर भूमि बैनामा कराने के मामले की जांच के लिए सीबीआई जल्द ही जिले में आ सकती है। सीबीआई के द्वारा लखनऊ में मुकदमा दर्ज करने के बाद जेलकर्मियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। पहले ही इस मामले में जेल अधीक्षक सहित 5 कारालकर्मी निलंबित हो चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने केस दर्ज किया है

अतीक प्रकरण:देवरिया में जेलकर्मियों की बढ़ी धड़कन, जल्द आ सकती है सीबीआई

लखनऊ के कारोबारी की जेल में पिटाई का मामला
जेल अधीक्षक सहित पांच कारालकर्मी हो चुके हैं निलंबित
26 दिसंबर 2018 को लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण अतीक के गुर्गो ने उनके कार्यालय से किया था। वहां से उन्हें जिला कारागार के बैरक नम्बर सात ले आया था। अतीक के बैरक में उसके बेटे उमर व गुर्गो ने व्यवसाय को मारने-पीटने के साथ ही 45 करोड़ रुपए की संपत्ति पराने के लिए जबरन स्टांप पेपर पर टर्मिनखत कर रहे थे। लखनऊ पहुंचने पर मोहित ने घटना की जानकारी स्थानीय थाने में दी थी। मामला सामने आते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।

डीआईजी जेल की रिपोर्ट पर हुई थी जेलकर्मियों की कार्रवाई
जेल में पिटाई का मामला सामने आने के बाद डीआईजी जेल धनीराम ने जिला कारागार देवरिया में पहुंच कर जांच की थी। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी जेलर सहित तीन को निलम्बित कर दिया गया था। इसके साथ तत्कालीन जेलर मुकेश कुमार कटियार और जेल अधीक्षक डीके पाण्डेय का तबादला करने का मामला हुआ था। इसमें जेलर और जेल अधीक्षक पर कार्रवाई रुक गई।

इसके बाद पीड़ित मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जहां कोर्ट ने विभाग की कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए पांचो जेलकर्मियों को निलम्बित करने का आदेश दिया। इसके साथ ही अतीक अहमद को गुजरात की जेल में शिफ्ट करने के साथ ही मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया गया। कोर्ट के आदेश पर जेल प्रशासन ने जेलर मुकेश कुमार कटियार और जेल अधीक्षक डीके पाण्डेय को निलम्बन कर दिया।

जेल अधीक्षक की तहरीर पर भी दर्ज हुआ था केस
कोर्ट की सख्ती के बाद शासन के निर्देश पर इस मामले में नवागत जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी की तहरीर पर सदर कोतवाली में भी तत्कालीन जेल अधीक्षक डीके पाण्डेय और जेलर मुकेश कटियार के साथ डिप्टी जेलर देवकांत यादव, हेड़ वार्डर मुन्ना पाण्डेय, वार्डर राकेश कुमार शर्मा राम आसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। अब सीबीआई के द्वारा बुधवार को इस मामले में लखनऊ स्थित कार्यालय में आधा दर्जन नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने से जेलकर्मियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सीबीआई की जांच को देखते हुए जिला कारागार में तैनात बंदी रक्षक और अधिकारी अपना रिकार्ड ठीक करने में लगे हैं। जिससे सीबीआई जांच में वह अपना बचाव कर सकता है।
अतीक प्रकरण:देवरिया में जेलकर्मियों की बढ़ी धड़कन, जल्द आ सकती है सीबीआई अतीक प्रकरण:देवरिया में जेलकर्मियों की बढ़ी धड़कन, जल्द आ सकती है सीबीआई Reviewed by Praveen on June 14, 2019 Rating: 5

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