जानिए मंदिर में भगवान की मूर्तियों के बारे में।

वास्तु शास्त्र में आज आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए मंदिर में भगवान की मूर्तियों के बारे में। मंदिर में या घर की किसी और जगह पर भी भगवान की मूर्ति कभी भी इस तरह नहीं रखनी चाहिए कि उसके पीछे का भाग, यानी पीठ दिखाई दे। मूर्ति बिल्कुल सामने से दिखनी चाहिए।

भगवान की पीठ का दिखना शुभ नहीं माना जाता। पूजा घर में कभी भी गणेश जी की दो से अधिक मूर्तियां या तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। अन्यथा यह शुभ फलदायी नहीं होता। घर की दो अलग-अलग जगहों पर एक भगवान की दो तस्वीर हो सकती हैं।

इसके अलावा भगवान की ऐसी मूर्ति या तस्वीर भी मंदिर में नहीं रखनी चाहिए, जो युद्ध की मुद्रा में हो, जिसमें भगवान का रौद्र रूप हो। हमेशा सौम्य, सुंदर और आशीर्वाद की मुद्रा वाली भगवान की मूर्तियां ही घर में लगाएं। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। खंडित मूर्तियों का तो तुरंत विसर्जन ही कर दें।

कहते हैं चांदी का बिल्कुल पतला-सा तार घर के मुख्य दरवाजे के नीचे दबाने से वास्तुदोषों का निवारण होता है। इससे घर में किसी भी तरह की नेगेटिव एनर्जी घुस नहीं पाती और जो होती है वह भी निकल जाती है। साथ ही घर में एक तुलसी या केले का पौधा जरूर लगा होना चाहिए। यह घर के वातावरण को अच्छा बनाए रखती है और साथ ही ये स्वास्थ्य वर्धक भी हैं।

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