बारिश के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में बुवाई का 85 फीसदी कार्य पूरा हो गया

साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगने वाला है

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बारिश के कारण
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मानसून पूर्व बारिश के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में बुवाई का 85 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। जून के पहले सप्ताह में 6 लाख 87 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है लेकिन जून के दूसरे सप्ताह में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान चिंतित हैं।मौसम विभाग के अनुसार राज्य के दक्षिण अंदरूनी क्षेत्र में 38, उत्तर तटीय कर्नाटक में 26 फीसदी, उत्तर कर्नाटक के अंदरूनी क्षेत्र में 3 फीसदी बारिश कम हुई है।

साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगने वाला है

राज्य में कुल मिलाकर जून माह के दो सप्ताह में 51 एमएम के बदले 45 एमएम बारिश दर्ज हुई है। अब आनेवाले दो चार दिनों में बारिश नहीं होती है तो बुवाई किए गए बिजों का अंकुरण संभव नहीं है।प्राकृतिक आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक राज्य के तटीय कर्नाटक तथा उत्तर कर्नाटक में अभी तक हुई बारिश संतोषप्रद है लेकिन दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक तथा मलनाडू क्षेत्र में अभी तक अपेक्षित स्तर पर बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार तीसरे सप्ताह में भी इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना नहीं है। यही चिंता का विषय है।

कृषि मंत्री बीसी पाटिल के अनुसार गत वर्ष जून माह के अंत तक बारिश ने दस्तक नहीं दी थी। इस बार मानसून पूर्व बारिश अच्छी होने के कारण किसानों ने बुवाई की है। जून माह के तीसरे तथा चौथे सप्ताह में बारिश होने से हालांत सूधर सकते है। कोलार, चिकबल्लापुर, मैसूरू जिले में हालात गंभीर हैं इन जिलों में जून माह के पहले दो सप्ताह में होने वाली बारिश से 55 फीसदी से लेकर 74 फीसदी तक बारिश नहीं हुई है।विजयपुरा, बेंगलूरु शहर, तुमकुरु तथा मंड्या जिलों में 40 से 48 फीसदी बारिश कम हुई है। उडुपी, यादगिर, दावणगेरे, बल्लारी, धारवाड, कलबुर्गी जिलों में हुई बारिश समाधानकारक है। रायचूर, बीदर उत्तर कन्नड़ जिलों में जून माह के पहले दो सप्ताह में 24 से 34 फीसदी अधिक बारिश हुई है।

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