चिकित्सकीय उपेक्षा एवं लापरवाही की बदौलत डुमरियागंज क्षेत्र के रीवा निवासी रामू शर्मा

चिकित्सकीय उपेक्षा एवं लापरवाही की बदौलत डुमरियागंज क्षेत्र के रीवा निवासी रामू शर्मा की जनपद चिकित्सालय सिद्धार्थनगर गेट पर तीन घण्टे तड़पने के बाद भी समुचित ईलाज़ के अभाव में मौत के प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है। जनपद की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था के चलते रामू की मौत के कई दिन व्यतीत होने एवं आश्वासन तथा जाँच पश्चात दोषियों के विरुद्ध अभी तक कोई कार्यवाही न होने से नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने जनपद मुख्यालय के सिद्धार्थ तिराहे पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह का पुतला फूँक कर शासन प्रशासन के विरुद्ध ज़बरदस्त रूप से अपना विरोध प्रदर्शन जताया है।

अवगत कराते चलें कि बीते 8 जून को सूबे के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह के गृहजनपद में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और उपेक्षा के चलते जनपद मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय सिद्धार्थनगर में गेट पर तीन घण्टे तक तड़पने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता राजन द्विवेदी एवं स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के पश्चात जिला अस्पताल द्वारा रामू को एडमिट किया गया था जबकि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने उसे देखना तक मुनासिब नहीं समझा और उनलोगों के हटते ही उसे मेडिकल कालेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया था जहाँ रास्ते में ही रामू की मौत हो गयी थी। इस प्रकरण ने जनपद के माहौल को काफी गरम कर दिया है और इसको लेकर सोशल मीडिया एवं विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से अपर सचिव ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी को जाँच अधिकारी नियुक्त करते हुए 10 जून की शाम तक जाँच रिपोर्ट तलब किया था। उसी दौरान सूबे के चिकित्सा मंत्री ने भी दोषियों के विरुद्ध अतिशीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया था।

कार्यवाही न होने से नाराज़ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए 48 घण्टे के भीतर कार्यवाही न होने की दशा में विरोध प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया था जिसपर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही का आश्वासन जिलाधिकारी ने भी दिया था किंतु 48 घण्टे व्यतीत हो जाने के बाद एबीवीपी के कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और शासन प्रशासन का विरोध करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाते हुए सिद्धार्थ तिराहे पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह का पुतला फूँकते हुए रामू रामू को इंसाफ दिलाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री मुर्दाबाद , स्वास्थ्य मंत्री होश में आओ,रामू को इंसाफ दो, सीएमओ और सी एम एस को हटाओ जिला प्रशासन मुर्दाबाद आदि नारे लगाए। पुतला दहन के वक्त भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात था।पुतला छीनने के दौरान हुई एबीवीपी कार्यकर्ताओं व पुलिस की तीखी नोक-झोंक हुई तथा एक कार्यकर्ता को गंभीर चोट लगने की खबर भी मिली है।

एबीवीपी के जिला संयोजक नित्यानंद शुक्ल ने विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि सिद्धार्थनगर जनपद में बदहाल स्वास्थ्य एवम चिकित्सा व्यवस्था के नाते मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को बर्खास्त करने के संदर्भ में एवं रामू शर्मा प्रकरण में जिम्मेदार स्वास्थ कर्मियों पर कार्यवाही के संदर्भ में जिलाधिकारी के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री जी को दिए गए ज्ञापन पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही न होने पर आज अभाविप ने अपना विरोध प्रदर्शन कर आक्रोश प्रकट किया। प्रदर्शन के दौरान अभाविप के जिला संगठन मंत्री आकर्षण ने कहा कि इस वैश्विक संकटकाल मे जहाँ सरकार एवं कोरोना योद्धा के रूप में कार्यरत चिकित्साकर्मी पूर्ण रूप से कोरोना महामारी को मात देने में जुटे हैं वहीं सिद्धार्थनगर जनपद में जिले स्तर के गैर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही ने मानवीय संवेदनाओं को तार तार कर डुमरियागंज क्षेत्र के रीवा निवासी कोरोना संदिग्ध को मौत के घाट उतार दिया। स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता के नाते एक 22 वर्षीय युवक जिला अस्पताल के गेट पर लगभग 3 घण्टे तड़पता रहा और अंततः जीवन के खिलाफ अपनी जंग को हार गया। अभाविप सरकार को अवगत करना चाहती है कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्यवाही नहीं हो जाती अभाविप अपना प्रदर्शन जारी रखेगी। प्रदर्शन में मुख्य रूप से ज़िला संयोजक नित्यानन्द शुक्ला, राजन द्विवेदी,तहसील संयोजक प्रियांशु, नगर मंत्री विपुल, जतिन चौबे, अशोक ठाकुर, अनिल गुप्ता,विवेक ओझा, आकर्ष त्रिपाठी, दुर्गेश कुमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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