पहली बार पाकिस्तान मे हिंदू लड़की असिस्टेंट कमिश्नर बनी, वे पेशे से MBBS डॉक्टर भी

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नई दिल्ली। दोस्तों आपको बता दे की पड़ोसी देश पाकिस्तान से अकसर अल्पसंख्यकों से अत्याचार के मामले सामने आते रहते हैं लेकिन कम ही बार ऐसा होता है जब अल्पसंख्यकों को लेकर कुछ अच्छी खबर मिले। पाकिस्तान में ऐसा पहली बार हुआ है कि अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाली कोई हिंदू लड़की ने प्रतिष्ठित सेन्ट्रल सुपिरियर सर्विस यानि सीएसएस परीक्षा पास की हो और अपने नाम का लोहा मनवाया हो। दोस्तो आपकी जानकारी के लिएबता दे की पड़ोसी देश पाक में पहली बार एक हिंदू लड़की असिस्टेंट कमिश्नर बनी है। उनका नाम सना रामचंद है। उन्हें यह मुकाम हासिल करने के लिए सेंट्रल सुपीरियर सर्विस (CSS) पास करनी पड़ी। इसके बाद उनका चयन पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा (PAS) में हुआ। यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी प्रशासनिक परीक्षा है। सना पेशे से MBBS डॉक्टर भी हैं।

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दोस्तों आपको बता दे की CSS की लिखित परीक्षा में 18,553 कैंडिडेट्स शामिल हुए। इनमें 221 पास हुए। दोस्तों सना ने स्थानीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मैं बेहद खुश हूं, लेकिन हैरान नहीं। मुझे बचपन से ही कामयाबी की ललक है और मैं इसकी आदी हो चुकी हूं। मैं अपने स्कूल, कॉलेज और FCPS की परीक्षा में भी टॉप कर चुकी हूं।

दोस्तो आपको बता दे की सना सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने सिंध प्रांत के चंदका मेडिकल कॉलेज से MBBS किया। दोस्तो अभी वे सिंध इंस्टिट्यूट ऑफ यूरोलॉजी एंड ट्रांसपेरेंट से FCPS की पढ़ाई कर रही हैं। वे जल्द ही सर्जन बनने वाली हैं।

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