इस मंदिर में, भगवान शिव से पहले रावण की पूजा की जाती है।

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आज तक आप सभी ने कई मंदिरों के बारे में सुना या पढ़ा होगा। जी हां, दुनिया भर में कई मंदिर हैं जो अपनी अलग-अलग चीजों के लिए प्रसिद्ध हैं। अब आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। दरअसल, हम जिस मंदिर के बारे में बात कर रहे हैं, वह झीलों के शहर उदयपुर से लगभग 80 किमी दूर है। यह मंदिर अवगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित है। इस मंदिर में भगवान शिव विराजित हैं। शिवजी का यह प्राचीन मंदिर कमलनाथ महादेव के नाम से प्रसिद्ध है।

कहा जाता है कि इस मंदिर में प्रार्थना जल्द ही पूरी हो जाती है। वैसे यहां की खास बात यह है कि यहां शिव से पहले रावण की पूजा की जाती है। जी हां, आपको ये सुनकर हैरानी जरूर हुई होगी लेकिन ये सच है। ऐसा कहा जाता है कि यदि भगवान रावण की पूजा पहले नहीं की जाती है, तो भगवान शिव उनकी इच्छाओं को पूरा नहीं करते हैं। आपको यह भी बता दें कि मंदिर के एक तरफ रावण की मूर्ति है और दूसरी तरफ महादेव की एक मूर्ति है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ‘जब एक बार रावण भगवान शिव की पूजा कर रहा था, तो वह एक समय में भगवान शिव को 108 कमल के फूल चढ़ाता था। लेकिन एक बार जब एक फूल छोटा हो गया, तो उसने अपना सिर काटकर शिव को समर्पित कर दिया। भगवान शिव यह देखकर प्रसन्न हुए और रावण की नाभि में अमृत कुंड स्थापित किया और इसके साथ ही उन्हें दस सिर का वरदान दिया गया। तभी उस स्थान का नाम कमलनाथ महादेव पड़ा।

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