विटमिन्स का हमारी सेहत के लिए क्या रोल होता है

विटमिन्स का हमारी सेहत के लिए क्या रोल होता है, इस पर नए सिरे से बात करने की जरूरत नहीं है। हम सभी जानते हैं कि अगर शरीर में किसी भी तरह से विटमिन्स की कमी हो जाए तो हम हेल्दी लाइफ जी ही नहीं सकते हैं। आज हम बात करेंगे विटमिन बी की जरूरत और उसके प्रकार पर। साथ ही इस बात पर खास ध्यान देंगे कि इसके अलग-अलग प्रकार की कमी से हमें किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है…

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बढ़ते पलूशन का असर हमारी सेहत के साथ हमारी खूबसूरती पर भी पड़ता है। तो सेहत के साथ सुंदरता बनाए रखने के लिए आप विटमिन बी 3 से युक्त चीजों का सेवन करें, जैसे केला, फलीदार सब्जियां और ओटमील खाएं जो निकोटिनमाइड से भरपूर होती हैं। इससे आपकी स्किन का मॉइस्चर लॉक रहता है। इसके साथ ही विटमिन बी कॉम्प्लेक्स में बायोटिन रहता है जो आपके नाखूनों और बालों को मजबूत बनाता है।

तमाम लोग इस बात से अवगत हैं कि विटामिन बी 12 का घटा हुआ स्तर अनीमिया पैदा कर सकता है। इस अनीमिया को मेगैलोब्लास्टिक अनीमिया कहा जाता है और इसके साथ कई बार तंत्रिका तंत्र भी प्रभावित हो जाता है। नतीजन रोगियों में जो लक्षण मिलते हैं, वे इन्हीं दोनों तंत्रों ( रक्त और मस्तिष्क की अंदरुनी या बाहरी तंत्रिकाओं ) से संबंधित मिलते हैं। यानी ब्लड और ब्रेन दोनों के लिए यह जरूरी है।

गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क के विकास में एक बहुत मदद करता है। प्रेग्नेंट महिलाओं को रोज विटमिन बी-1 की जरूरत बहुत अधिक होती है। इसके लिए आप अपनी डायट में पास्ता, मीट, डेयरी उत्पाद को शामिल कर सकती हैं। अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो सेलमन फिश जरूर खाएं। यह ओमेगा 3 फैटी एसिड और प्रोटीन बहुत अच्छी मात्रा में होता है। यह हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी है।

विटमिनों बी-2 आंखों को स्वस्थ रखता है। इसके अलावा स्किन ग्लो करने में मदद करता है। प्रेग्नेंट महिलाओं को अपनी डाइट में विटमिन बी-2 की मात्रा को शामिल करना चाहिए। इसके लिए चिकन, मछली, दही, अंडे आदि को प्रेग्नेंसी के दौरान खाना चाहिए।

विटमिन बी- 3 पाचन को सही करता है और सिरदर्द से बचाता है। इसके अलावा मतली को भी कम करता है। इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर विटमिन बी-3 लेने की सलाह देते हैं। इसके लिए महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेड, मछली आदि को खाना चाहिए।

विटमिन बी- 5 प्रेग्नेंट महिलाओं की पैरों में ऐंठन को दूर करता है। इसके अलावा हॉर्मोन पैदा करने में मदद करता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में काजू, अंडे की जर्दी, खिचड़ी का सेवन करना चाहिए।

त्वचा संबंधी रोगों से दूर रहने के लिए जरूरी है कि विटमिन बी- 6 का सेवन किया जाए। प्रेग्नेंट महिलाओं में भी इसकी सही मात्रा बेहद जरूरी होती है। क्योंकि यह नौ महिने तक शिशु के मस्तिष्क और विकास में मदद करता है।

विटमिन बी- 7 बायोटिन की कमी को दूर करने में सहायक होता है। लीवर, आतों और किडनी के सही तरीके से सक्रिय रहने में मदद करता है।

खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए विटमिन बी-9 बेहद जरूरी होता है। इसका सबसे अधिक रोल बच्चे को स्वस्थ रूप से दुनिया में लाने का होता है। ताकि बच्चा जन्म के साथ ही किसी तरह के विकार या रोग से ग्रसित ना हो।

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