आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2007 इन तीन यादों के साथ खासतौर पर याद किया जाता है

आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप

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2007 इन तीन यादों के साथ खासतौर पर याद किया जाता है। युवराज सिंह के एक ओवर में छह छक्के, भारत की पहली टी-20 वर्ल्ड कप जीत और युवराज सिंह को एक ओवर में पड़ने वाले पांच छक्के। यही तीन वजह से 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप की हाइलाइट रही हैं। उस टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार परफॉर्म करने वाले युवराज सिंह को टूर्नामेंट के दौरान एक बेहद खराब दौर से भी गुजरना पड़ा और वह था उनके ओवर में लगातार पांच छक्के पड़ना। यह वाकया पूर्व ऑलराउंडर के लिए काफी परेशान करने वाला रहा था।

युवराज सिंह की वह कहानी सब जानते हैं, जब दिमित्री मैस्करेनहास  ने एक वनडे मैच में उनके एक ओवर में पांच छक्के जड़ दिए थे। युवराज ने हाल ही में इसका खुलासा किया कि ओवल में 2007 की सीरीज में 5 छक्के खाने के बाद उससे उबरने में उन्हें काफी वक्त लगा था। युवराज ने मैन्चेस्टर यूनाइटेड के मार्क्स रैशफोर्ड के साथ सोनी टेन पिट स्टॉप शो के दौरान इस बात का खुलासा किया।

उन्होंने कहा, ”मैं ओवल में मैच खेल रहा था। पता नहीं क्यों कप्तान राहुल द्रविड़ ने अंतिम ओवर मुझे दे दिया। दिमित्री मैस्करेनहास ने मेरी छह गेंदों पर 5 छक्के लगे। मुझे इस बात की खुशी थी कि वह छह छक्के नहीं लगा पाए, लेकिन इसके बाद मैं पंद्रह दिनों तक चैन से नहीं सो पाया। मेरे पास दोस्तों के मैसेज और कॉल्स आ रहे थे, ये दिल तोड़ने वाले थे।”

उन्होंने आगे बताया, ”इतने कॉल्स मेरे पास तब भी नहीं आए थे, जब मैंने शतक बनाया था।’ निश्चित रूप से एक महीने बाद युवराज ने पासा पलट दिया और टी20 वर्ल्ड कप के मैच में स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाकर इतिहास रच दिया था।

पूर्व लेफ्ट हैंडर मैस्करेनहास उस समय फील्डिंग कर रहे थे और समझ रहे थे कि ये छक्के उनके लिए ही संदेश हैं। युवराज ने  बताया, ”जब मैंने छह छक्के लगाए तो मैंने ब्रॉड की तरफ नहीं बल्कि दिमित्री मैस्करेनहास की तरफ देखा, लेकिन वह बात खत्म हो गई। मेरे लिए यह संतोषजनक था, मैं इंग्लैंड के खिलाफ ऐसा दोबारा कर सकता हूं।”

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